Kanpur News: कानपुर शहर विकास कार्यों और विभागीय लापरवाही की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बनी जाजमऊ की एक अहम वीआईपी सड़क बुधवार सुबह अचानक धंस गई। इस मार्ग पर एक-दो नहीं, बल्कि करीब 20 फीट गहरा और 12 फीट चौड़ा विशालकाय गड्ढा हो गया है, जिसने आसपास के लोगों में दहशत फैला दी है। बारिश ने धो दिया नगर निगम का कवर-अप घटना जाजमऊ स्थित सरैया चौराहे की है। यह मार्ग जाजमऊ को सीधे सर्किट हाउस से जोड़ता है, जिसके कारण यहाँ चौबीसों घंटे वीआईपी और आम वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। बुधवार सुबह करीब 8 बजे सड़क की एक लेन अचानक भरभरा कर धंस गई। मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद यह गड्ढा विकराल हो गया। गहराई इतनी कि कोई बड़ा वाहन भी इसमें समा जाए। स्थानीय निवासियों और पार्षद प्रतिनिधि जावेद अहमद ने जो खुलासा किया, वह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके मुताबिक, लगभग एक से दो महीने पहले इसी जगह पर करीब 5 फीट का एक छोटा गड्ढा हुआ था। उस वक्त तकनीकी जांच कर सड़क के नीचे की स्थिति समझने के बजाय, नगर निगम के कर्मचारियों ने जुगाड़ से काम लिया। उन्होंने गड्ढे में मलबा और कूड़ा डालकर उसे ऊपर से पाट दिया था। अब बारिश के पानी ने उस मलबे को बहा दिया, जिससे सड़क के नीचे पनप रही खोखली सच्चाई 20 फीट गहरे गड्ढे के रूप में सामने आ गई। लोगों में आक्रोश स्थानीय निवासी जावेद का कहना है कि यह सड़क पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा-थी। इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में जिस तरह की लापरवाही बरती गई है, वह हैरान करने वाली है। बिना किसी तकनीकी जांच के केवल मिट्टी-कूड़ा डालकर सड़क की मरम्मत करने का नतीजा आज एक जानलेवा गड्ढे के रूप में सामने खड़ा है। आगामी त्योहार ने बढ़ाई प्रशासन की चुनौती गड्ढे की सूचना मिलते ही जाजमऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आनन-फानन में सड़क की एक लेन को बंद करा दिया। सुरक्षा के लिहाज से गड्ढे के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। हालाँकि, प्रशासन की असली चुनौती अभी बाकी है। आज जुलूस-ए-मोहम्मदी जुलूस का आयोजन होना है, जिसमें इसी मार्ग से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ गुजरने वाली है। ऐसे में इस मुख्य और व्यस्त मार्ग पर इतने बड़े गड्ढे का होना एक बड़े खतरे की घंटी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस विशालकाय गड्ढे को भरने और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए फिर से कोई अस्थायी जुगाड़ करता है या कोई ठोस तकनीकी कदम उठाता है। इस मामले में नगर निगम व जल निगम के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे है। ये भी पढ़ें: गाली-गलौज के विवाद में युवती, बहन और पिता से मारपीट: लाठी-डंडों से हमला, 6 नामजद; दूसरे पक्ष ने भी दी तहरीर